📰 Budget Session 2026: आर्थिक सर्वे और आम बजट से जुड़ी पूरी तस्वीर
संसद का बजट सत्र 2026 आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है और इसके साथ ही देश की आर्थिक दिशा को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। इस सत्र की सबसे अहम शुरुआत आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के साथ हुई, जिसे संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया।
इस आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर पेश की गई है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 7.2 प्रतिशत GDP ग्रोथ का अनुमान जताया है, जो मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
📊 आर्थिक सर्वेक्षण 2026: क्या कहता है देश की अर्थव्यवस्था का हाल?
आर्थिक सर्वे किसी भी बजट से पहले आने वाला वह दस्तावेज़ होता है जो बीते वर्ष की आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा पेश करता है और आने वाले वर्ष की दिशा तय करता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में सरकार ने बताया कि:
- भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है
- घरेलू मांग में मजबूती देखने को मिली है
- मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया है
- डिजिटल इकोनॉमी और स्टार्टअप सेक्टर ने विकास को गति दी है
सरकार के मुताबिक, वैश्विक मंदी, भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है।
🚄 ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की झलक: प्रधानमंत्री मोदी का बयान
आर्थिक सर्वे पेश होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के आर्थिक सुधारों की दिशा में एक अहम दस्तावेज़ बताया। उन्होंने कहा कि यह सर्वे “रिफॉर्म एक्सप्रेस की झलक” है, जो भारत को विकसित राष्ट्र की ओर ले जा रही है।
प्रधानमंत्री के अनुसार:
- सरकार का फोकस दीर्घकालिक सुधारों पर है
- आत्मनिर्भर भारत की नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं
- इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश पर ज़ोर जारी रहेगा
🏦 7.2% GDP ग्रोथ का क्या मतलब है आम जनता के लिए?
GDP ग्रोथ का सीधा असर आम लोगों की ज़िंदगी पर पड़ता है। 7.2% की अनुमानित वृद्धि का मतलब है:
- नौकरी के नए अवसर पैदा होने की संभावना
- सरकारी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन
- इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं में तेजी
- निवेशकों का भरोसा बढ़ना
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार ध्यान देना होगा।
💼 आम बजट 2026 से क्या-क्या उम्मीदें?
अब जब आर्थिक सर्वे सामने आ चुका है, तो कल पेश होने वाले आम बजट 2026 पर देश की निगाहें टिकी हैं। आम नागरिक, किसान, युवा, नौकरीपेशा और उद्योग जगत सभी को इस बजट से कई उम्मीदें हैं:
🔹 मिडिल क्लास
- इनकम टैक्स में राहत
- स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी
- महंगाई से राहत देने वाले कदम
🔹 किसान
- MSP में सुधार
- सिंचाई और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च
- कृषि टेक्नोलॉजी को बढ़ावा
🔹 युवा और रोजगार
- स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
- स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग
- नई नौकरियों के अवसर
🔹 उद्योग और निवेश
- कॉरपोरेट टैक्स में स्थिरता
- MSME सेक्टर को राहत
- विदेशी निवेश को बढ़ावा
🌍 वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की स्थिति
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 में यह भी माना गया है कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं — जैसे अमेरिका और यूरोप की आर्थिक स्थिति, युद्ध और सप्लाई चेन में बाधाएं। इसके बावजूद भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से मजबूत बताई गई है।
सरकार का मानना है कि:
- घरेलू बाजार की मजबूती
- युवा आबादी
- टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ग्रोथ
भारत को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाने में मदद कर रही है।
🏛️ संसद का बजट सत्र: आगे क्या?
बजट सत्र के दौरान:
- आम बजट पर चर्चा होगी
- विभिन्न मंत्रालयों की मांगों पर बहस होगी
- विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाएगा
यह सत्र देश की आर्थिक प्राथमिकताओं को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
✍️ निष्कर्ष
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक संकेत दिया है। 7.2% GDP ग्रोथ का अनुमान और सरकार द्वारा बताए गए सुधार यह दर्शाते हैं कि भारत विकास की पटरी पर आगे बढ़ रहा है। अब सबकी नजरें आम बजट 2026 पर हैं, जो यह तय करेगा कि यह विकास आम जनता तक कैसे पहुंचेगा।








