बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची, महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अब भी असमंजस

बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची, महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अब भी असमंजस
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बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची, महागठबंधन में सीट बंटवारे पर अब भी असमंजस

बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल अब पूरी तरह से गरमाता जा रहा है। राजनीतिक दलों ने अपने-अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने आज अपने 48 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। हालांकि, महागठबंधन में अभी भी सीट बंटवारे को लेकर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

पहले चरण के नामांकन का आज आखिरी दिन है, जिसके चलते राजनीतिक दलों पर टिकट वितरण और अंतिम नाम तय करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है


🔹 कांग्रेस की पहली सूची में कौन-कौन

कांग्रेस की पहली सूची में प्रमुख नामों में शक्ति सिंह, अनिल शर्मा, मीरा चौधरी, संजय यादव और सीमा कुमारी शामिल हैं। पार्टी ने इस बार युवाओं और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने का दावा किया है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने सूची को अंतिम रूप देने से पहले प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से विस्तृत चर्चा की थी। कांग्रेस का दावा है कि उनकी सूची सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।


🔹 महागठबंधन में अब भी असमंजस

कांग्रेस की सूची जारी होने के बावजूद महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है
मुख्य विपक्षी गठबंधन में शामिल राजद (RJD) और कांग्रेस के बीच कुछ सीटों को लेकर अब भी खींचतान जारी है।

राजद का दावा है कि उसे 144 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए, जबकि कांग्रेस करीब 70 सीटों की मांग पर अड़ी हुई है। इसके अलावा वाम दलों और छोटे सहयोगियों को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर जल्द ही इस मसले पर एक राय नहीं बनी, तो महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो सकते हैं


🔹 एनडीए में भी खींचतान जारी

सत्ता पक्ष यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में भी हालात बहुत अलग नहीं हैं।
जेडीयू (JDU) और भाजपा (BJP) के बीच कुछ सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर असहमति सामने आई है।
इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की भूमिका को लेकर भी स्पष्टता नहीं है।
एलजेपी के कुछ नेता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, जिससे एनडीए की रणनीति को नुकसान हो सकता है।


🔹 पहले चरण के लिए तैयारियां

बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 7 नवंबर को होना है।
आज नामांकन का अंतिम दिन है, इसलिए सभी दलों के कार्यालयों में गतिविधि तेज हो गई है
उम्मीदवार अपने कागजात दाखिल करने के लिए जिलों के निर्वाचन कार्यालयों की ओर रवाना हो रहे हैं।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस और राजद अगर जल्द सीटों पर सहमति नहीं बना पाए, तो कई सीटों पर बागी उम्मीदवारों के उतरने की संभावना बढ़ जाएगी।


🔹 राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना

पिछले चुनावों की तुलना में इस बार त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति कई सीटों पर बन सकती है।
जहां महागठबंधन और एनडीए आमने-सामने हैं, वहीं जन अधिकार पार्टी, AIMIM और चिराग पासवान गुट भी कई क्षेत्रों में प्रभाव डाल सकते हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, इस बार युवाओं और महिलाओं के वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
इसके अलावा, जातीय समीकरणों और स्थानीय मुद्दों का असर भी गहरा रहेगा।


🔹 कांग्रेस का फोकस — युवाओं और रोजगार पर

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में युवाओं, रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
पार्टी ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर वह 20 लाख नौकरियां सृजित करेगी और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाएगी।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि कांग्रेस अपनी पुरानी जमीन वापस पाने की कोशिश में है, खासकर उन इलाकों में जहां उसका संगठन मजबूत रहा है, जैसे कि भागलपुर, गया और दरभंगा


🔹 क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ

राजनीतिक विश्लेषक प्रभाकर झा कहते हैं —

“कांग्रेस ने अपनी सूची जारी कर यह संकेत दिया है कि वह गठबंधन में कमजोर नहीं है। लेकिन अगर राजद और कांग्रेस के बीच तालमेल में देरी होती रही, तो इसका सीधा फायदा एनडीए को मिल सकता है।”

वहीं, एक अन्य विशेषज्ञ नीलम वर्मा का कहना है —

“इस बार चुनाव केवल विकास पर नहीं, बल्कि गठबंधन की एकजुटता और नेतृत्व की विश्वसनीयता पर भी होगा।”


🔹 नतीजों पर पड़ेगा राष्ट्रीय असर

बिहार का यह चुनाव केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा।
यह 2026 के लोकसभा चुनावों से पहले का एक अहम सेमीफाइनल माना जा रहा है।
कांग्रेस और विपक्षी दलों के लिए यह चुनाव उनकी ताकत और एकता की परीक्षा साबित होगा, वहीं भाजपा इसे अपने संगठन और जनाधार की मजबूती के रूप में देख रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
कांग्रेस की पहली सूची जारी होने से चुनावी सरगर्मी और बढ़ गई है।
अब देखना यह होगा कि महागठबंधन सीट बंटवारे के इस पेचीदा मसले को कितनी जल्दी सुलझा पाता है और एनडीए इस मौके का कितना फायदा उठा पाता है।

आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और भी दिलचस्प मोड़ लेने वाली है।

 

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