भारत लंबे समय से आतंकवाद की चुनौती का सामना करता रहा है। सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों से लेकर देश के भीतर सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क तक, सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई प्रकार की चुनौतियां रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार ने एक नई व्यापक एंटी-टेरर रणनीति ‘प्रहार’ (PRAHAR) जारी की है।
भारत का गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई यह नीति देश की पहली व्यापक आतंकवाद विरोधी रणनीति मानी जा रही है। इस नीति का उद्देश्य केवल आतंकवादी हमलों को रोकना ही नहीं बल्कि आतंकवाद के हर स्वरूप को खत्म करना है।
नई नीति में पारंपरिक आतंकवाद के साथ-साथ साइबर आतंकवाद, ड्रोन हमले और आधुनिक तकनीक के जरिए होने वाले खतरों को भी शामिल किया गया है। यह रणनीति देश की सुरक्षा को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रहार (PRAHAR) नीति क्या है?
प्रहार (PRAHAR) एक राष्ट्रीय स्तर की एंटी-टेरर नीति है जिसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एक समन्वित और प्रभावी रणनीति तैयार करना है।
इस नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाकर आतंकवाद को रोकने की कोशिश की जाएगी।
इस रणनीति में जल, थल और नभ तीनों क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसका मतलब है कि देश की सीमाओं के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा भी बेहतर की जाएगी।
प्रहार नीति की जरूरत क्यों पड़ी?
भारत में आतंकवाद कई रूपों में सामने आता रहा है। सीमा पार आतंकवाद, आतंकी फंडिंग, कट्टरपंथ और साइबर हमले जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद का स्वरूप बदल गया है। अब आतंकवादी संगठन इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करके लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
इसी कारण एक ऐसी नीति की जरूरत महसूस की गई जो आधुनिक खतरों से निपटने में सक्षम हो।
प्रहार नीति इसी जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
प्रहार नीति के मुख्य उद्देश्य
1. सीमा पार आतंकवाद पर रोक
इस नीति का एक प्रमुख उद्देश्य सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को रोकना है।
सीमा क्षेत्रों में निगरानी को मजबूत किया जाएगा और नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
2. साइबर सुरक्षा को मजबूत करना
आज के समय में साइबर हमले भी आतंकवाद का हिस्सा बन चुके हैं।
नई नीति में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकारी वेबसाइट और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जाएगा।
3. आधुनिक तकनीक का उपयोग
नई नीति में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
जैसे:
- ड्रोन निगरानी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- डेटा एनालिसिस
- डिजिटल ट्रैकिंग
इन तकनीकों की मदद से आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
4. सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल
आतंकवाद से लड़ने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी होता है।
नई नीति में एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
जैसे:
- पुलिस
- सेना
- खुफिया एजेंसियां
इन सभी के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा।
5. जल, थल और नभ सुरक्षा
प्रहार नीति की एक खास बात यह है कि इसमें तीनों क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।
जल सुरक्षा
समुद्री सीमा की सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।
थल सुरक्षा
स्थल सीमा पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
नभ सुरक्षा
हवाई क्षेत्र में सुरक्षा तकनीकों को बेहतर बनाया जाएगा।
प्रहार नीति से क्या फायदा होगा?
नई नीति लागू होने से देश की सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।
1. आतंकवादी हमलों में कमी
बेहतर निगरानी से आतंकवादी हमलों को रोका जा सकेगा।
2. तेजी से कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर सकेंगी।
3. बेहतर खुफिया जानकारी
नई तकनीक से खुफिया जानकारी अधिक सटीक मिलेगी।
देश की सुरक्षा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार प्रहार नीति भारत की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।
यह नीति केवल प्रतिक्रिया देने पर आधारित नहीं है बल्कि पहले से खतरे को पहचानने पर आधारित है।
इससे आतंकवाद को पहले ही रोका जा सकेगा।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि यह नीति मजबूत मानी जा रही है लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी होंगी।
जैसे:
- तकनीक का सही उपयोग
- एजेंसियों के बीच तालमेल
- पर्याप्त संसाधन
यदि इन चुनौतियों को सही तरीके से संभाला गया तो यह नीति सफल हो सकती है।
निष्कर्ष
प्रहार (PRAHAR) नीति भारत की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह नीति आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक रणनीति प्रदान करती है जिसमें आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है।
भारत सरकार की यह पहल आने वाले समय में देश को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यदि यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है तो भारत आतंकवाद के खिलाफ और अधिक मजबूत बन सकता है।








