वाशिंगटन: ट्रंप कार्ड ईरान युद्ध CIA — ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिका में घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। पूर्व CIA प्रमुख ने खुलकर कहा है कि “ईरान युद्ध के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं।” विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एक ऐसे जाल में फंस गए हैं जिससे निकलना मुश्किल है।
ट्रंप की रणनीति कहां चूकी?
शुरुआत में ट्रंप का मानना था कि ईरान पर भारी सैन्य दबाव डालने से वह जल्दी झुक जाएगा। लेकिन ईरान ने उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रतिरोध किया। ईरानी मिसाइलों ने इजरायल पर हमला किया, होर्मुज को बंद करने की धमकी दी और IRGC ने युद्ध जारी रखने का ऐलान किया।
दो पाटों के बीच अमेरिका
पूर्व CIA प्रमुख के अनुसार अमेरिका इस समय दो पाटों के बीच फंसा है। एक तरफ ईरान का बढ़ता प्रतिरोध है और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव है कि युद्ध बंद किया जाए।
आर्थिक दबाव
इस युद्ध के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। तेल की बढ़ती कीमतें, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और महंगाई — ये सभी कारक अमेरिकी जनता को परेशान कर रहे हैं।
विपक्ष का हमला
अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा है कि उन्होंने बिना किसी स्पष्ट रणनीति के युद्ध में देश को झोंक दिया। उनका कहना है कि यह युद्ध अमेरिका के हित में नहीं है।
क्या होगा आगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि अब दो ही रास्ते हैं — या तो कूटनीतिक वार्ता के जरिए युद्धविराम हो, या फिर यह संघर्ष और बड़े पैमाने पर फैल जाए। पीएम मोदी जैसे नेताओं की मध्यस्थता की भूमिका इस समय बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
G7 का रुख
G7 देशों ने ट्रंप प्रशासन पर जल्द से जल्द कूटनीतिक समाधान निकालने का दबाव डाला है। उनका मानना है कि यह युद्ध न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।








