नई दिल्ली: पीएम मोदी ईरान राष्ट्रपति बातचीत — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की और मध्य पूर्व में शांति की अपील की। बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल युद्धविराम की गारंटी दें तो ईरान जंग रोकने को तैयार है।
मोदी की कूटनीतिक पहल
पीएम मोदी की यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष अपने चरम पर है। मोदी ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। बीबीसी के अनुसार, पीएम मोदी का ईरानी राष्ट्रपति से बात करना एक महत्वपूर्ण संकेत है।
ईरान की शर्त
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को स्पष्ट किया कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। उन्होंने कहा:
- अमेरिका और इजरायल को लिखित में गारंटी देनी होगी कि वे आगे हमला नहीं करेंगे
- ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं
- युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए
क्यों महत्वपूर्ण है मोदी की भूमिका?
भारत के ईरान और अमेरिका दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। ऐसे में पीएम मोदी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। भारत की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए भी यह शांति प्रयास महत्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पीएम मोदी की इस पहल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सराहा है। कई देशों ने भारत से इस मध्यस्थता प्रयास को जारी रखने की अपील की है।
ट्रंप-ईरान वार्ता की संभावना
रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप प्रशासन भी अब ईरान के साथ सीधी बातचीत करने पर विचार कर रहा है। अगर दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आते हैं तो यह युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है।








