भारत में बैंकिंग सिस्टम को और अधिक पारदर्शी और ग्राहक-हितैषी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नए बैंकिंग नियम (संशोधन) 2025 के तहत अब बैंक खाताधारक अपने खाते में अधिकतम 4 नॉमिनी (उत्तराधिकारी) जोड़ सकेंगे। यह बदलाव लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या—अनक्लेम्ड डिपॉजिट—को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📌 क्या है नया नियम?
सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन के अनुसार, अब किसी भी बैंक खाते में एक से अधिक नॉमिनी जोड़ने की सुविधा दी गई है। पहले खाताधारक केवल एक ही नॉमिनी जोड़ सकता था, लेकिन अब अधिकतम 4 नॉमिनी नामित किए जा सकते हैं।
यह नियम भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया जाएगा, जिससे बैंकिंग प्रक्रियाएं और आसान बनेंगी।
🧾 नॉमिनी क्या होता है?
नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे खाताधारक की मृत्यु के बाद खाते में मौजूद धनराशि प्राप्त करने का अधिकार होता है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई जाती है ताकि खाताधारक के निधन के बाद उसके पैसे को लेकर कोई विवाद न हो।
⚠️ पहले क्या समस्या थी?
पहले केवल एक नॉमिनी की अनुमति होने के कारण कई समस्याएं सामने आती थीं:
- परिवार में कई उत्तराधिकारी होने पर विवाद
- सही व्यक्ति तक पैसा पहुंचने में देरी
- कानूनी प्रक्रिया लंबी और जटिल
- बड़ी मात्रा में पैसा ‘अनक्लेम्ड’ रह जाना
भारत में हजारों करोड़ रुपये ऐसे ही बैंक खातों में पड़े हैं, जिन पर किसी ने दावा नहीं किया है।
💡 नया नियम कैसे मदद करेगा?
अब 4 नॉमिनी जोड़ने की सुविधा से इन समस्याओं का समाधान संभव है।
मुख्य फायदे:
- 👨👩👧👦 परिवार के सभी सदस्यों को शामिल करने की सुविधा
खाताधारक अपने बच्चों, जीवनसाथी और अन्य परिजनों को नॉमिनी बना सकता है। - ⚖️ विवाद की संभावना कम होगी
पहले एक नॉमिनी होने से विवाद होते थे, अब सभी को शामिल किया जा सकेगा। - 💰 अनक्लेम्ड डिपॉजिट में कमी
सही उत्तराधिकारियों तक पैसा जल्दी पहुंचेगा। - ⏱️ प्रक्रिया होगी आसान और तेज
बैंक को पैसा ट्रांसफर करने में कम समय लगेगा।
🔄 ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ क्या है?
अनक्लेम्ड डिपॉजिट वह राशि होती है जो लंबे समय तक बैंक खातों में पड़ी रहती है और जिस पर कोई दावा नहीं करता।
यह स्थिति तब बनती है जब:
- खाताधारक की मृत्यु हो जाती है
- नॉमिनी नहीं होता
- परिवार को खाते की जानकारी नहीं होती
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, देश में ऐसे खातों में बड़ी मात्रा में पैसा जमा है, जिसे सही लोगों तक पहुंचाना एक चुनौती बना हुआ है।
🏦 बैंकिंग सिस्टम पर प्रभाव
इस नए नियम का असर पूरे बैंकिंग सेक्टर पर पड़ेगा:
- बैंकों की जवाबदेही बढ़ेगी
- ग्राहक सेवा बेहतर होगी
- डिजिटल रिकॉर्ड में सुधार होगा
- पारदर्शिता बढ़ेगी
📊 ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपके पास बैंक खाता है, तो यह बदलाव आपके लिए महत्वपूर्ण है।
आपको ये कदम उठाने चाहिए:
- अपने खाते में नॉमिनी की जानकारी अपडेट करें
- यदि पहले से एक नॉमिनी है, तो बाकी जोड़ें
- सभी नॉमिनी की सही जानकारी दें
- समय-समय पर विवरण की जांच करें
🔍 क्या हैं कुछ जरूरी बातें?
- नॉमिनी केवल ‘ट्रस्टी’ होता है, असली मालिक नहीं
- अंतिम अधिकार कानूनी उत्तराधिकारियों का होता है
- नॉमिनी बदलने की सुविधा भी उपलब्ध रहती है
- सभी नॉमिनी का स्पष्ट विवरण देना जरूरी है
🧠 विशेषज्ञों की राय
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम काफी सकारात्मक है और इससे ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञ कहते हैं कि:
- इससे वित्तीय समावेशन बढ़ेगा
- परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी
- बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा मजबूत होगा
📢 निष्कर्ष
बैंकिंग नियम (संशोधन) 2025 के तहत 4 नॉमिनी जोड़ने की सुविधा एक बड़ा और जरूरी बदलाव है। इससे न केवल ग्राहकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि देश में अनक्लेम्ड डिपॉजिट की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।
भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार का यह कदम बैंकिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब यह जिम्मेदारी ग्राहकों की भी है कि वे इस सुविधा का सही उपयोग करें और अपने खातों को अपडेट रखें, ताकि भविष्य में उनके परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।





