राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 3-4 दिसंबर 2025 को केरल दौरे पर: नौसेना दिवस समारोह और ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन की तैयारियाँ पूरी
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 3 और 4 दिसंबर 2025 को केरल के तिरुवनंतपुरम का महत्वपूर्ण दौरा करेंगी। यह दौरा रक्षा, सामरिक क्षमता और नौसैनिक शक्ति के प्रदर्शन के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। राष्ट्रपति 3 दिसंबर को होने वाले नौसेना दिवस-2025 समारोह की मुख्य अतिथि होंगी। इस दौरान वे भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन का प्रत्यक्ष निरीक्षण भी करेंगी।
राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल भारतीय नौसेना के मनोबल को मज़बूती देगा, बल्कि समुद्री सुरक्षा और भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा में नौसेना की बढ़ती भूमिका को भी उजागर करेगा।
नौसेना दिवस-2025: तटीय सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत का संदेश
हर वर्ष 4 दिसंबर को मनाया जाने वाला नौसेना दिवस भारत की नौसैनिक क्षमता और ऐतिहासिक जीत की याद दिलाता है। 2025 का मुख्य आयोजन इस बार तिरुवनंतपुरम में हो रहा है, जहां देश भर से नौसेना के अधिकारी, जवान, वैज्ञानिक और रक्षा विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मु इस समारोह में शामिल होकर नौसेना की उपलब्धियों, उसके आधुनिकतम हथियारों, तकनीकी उन्नति और समुद्री सुरक्षा रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगी।
तिरुवनंतपुरम में भारतीय नौसेना का भव्य ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन
3 दिसंबर की शाम तिरुवनंतपुरम के समुद्री तट पर भारतीय नौसेना एक शानदार ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत करेगी। इस प्रदर्शन में नौसेना की युद्धक क्षमता, समुद्री ऑपरेशंस, बचाव मिशन और आधुनिक तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।
डेमो में शामिल प्रमुख गतिविधियाँ—
- फाइटर जेट्स का समुद्री उड़ान प्रदर्शन
- युद्धपोतों द्वारा फायर पावर डेमोंस्ट्रेशन
- नौसैनिक कमांडो (MARCOS) के स्पेशल ऑप्स प्रदर्शन
- हेलीकॉप्टर, ड्रोन और सबमरीन की संयुक्त एक्सरसाइज
- समुद्री आपदा से बचाव और राहत ऑपरेशंस का सिमुलेशन
राष्ट्रपति मुर्मु इस पूरे कार्यक्रम को समुद्र तट पर बने विशेष मंच से लाइव देखेंगी। इस आयोजन को बड़ी संख्या में नागरिकों, छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के लिए भी खोला जाएगा।
केरल सरकार और नौसेना की संयुक्त तैयारियाँ
राष्ट्रपति के दो दिवसीय दौरे के लिए केरल सरकार और भारतीय नौसेना ने संयुक्त रूप से सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
- राष्ट्रपति के एयरपोर्ट आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।
- कार्यक्रम स्थल पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
- ट्रैफिक प्लान और समुद्री सुरक्षा के लिए विशेष टीमों की नियुक्ति की गई है।
- नौसेना बेस पर अधिकारियों और जवानों के साथ राष्ट्रपति की बैठक भी प्रस्तावित है।
इसके अलावा राष्ट्रपति तिरुवनंतपुरम में कुछ स्थानीय कार्यक्रमों और गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाक़ात कर सकती हैं।
भारत की नौसेना: आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की ओर
नौसेना दिवस 2025 का यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय नौसेना लगातार अपनी Blue Water Navy क्षमता बढ़ा रही है। भारत तेजी से स्वदेशी तकनीक पर आधारित—
- युद्धपोत
- सबमरीन
- मिसाइल सिस्टम
- हेलीकॉप्टर
- ड्रोन
- नौसैनिक राडार और संचार प्रणाली
—का निर्माण कर रहा है।
राष्ट्रपति का यह दौरा नौसेना के “आत्मनिर्भर भारत” मिशन की प्रगति की प्रत्यक्ष समीक्षा करने का अवसर भी होगा। यह न केवल नौसैनिक शक्ति बल्कि देश की रक्षा निर्माण क्षमता को भी मजबूत करता है।
स्थानीय नागरिकों में उत्साह
तिरुवनंतपुरम में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि यह दौरा केरल में पर्यटन, निवेश और रक्षा संबंधी गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
भविष्य के लिए संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा भारतीय नौसेना और आम जनता दोनों के लिए प्रेरणादायी है। यह न केवल नौसेना की शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि देश की समुद्री सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का भी प्रतीक है।
नौसेना दिवस 2025 का यह भव्य आयोजन देश को यह संदेश देता है कि भारत समंदर से जुड़ी हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।








