अमृतसर-बिहार गरीब रथ एक्सप्रेस में भीषण आग: तीन कोच जलकर खाक, सभी यात्री सुरक्षित

पंजाब से बिहार जा रही गरीब रथ
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अमृतसर-बिहार गरीब रथ एक्सप्रेस में भीषण आग, तीन कोच जलकर खाक — यात्रियों की सूझबूझ से टली बड़ी दुर्घटना

अमृतसर, 18 अक्टूबर 2025:
पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब अमृतसर से सहरसा (बिहार) जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12204) में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में ट्रेन के तीन कोच पूरी तरह से जलकर खाक हो गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।


कैसे लगी आग?

रेलवे सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेन के एक कोच में अचानक धुआं उठने लगा, जिसे देखते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत एक स्लीपर कोच में शॉर्ट सर्किट से हुई और धीरे-धीरे यह आग तीन कोचों में फैल गई।

लोको पायलट और गार्ड की सूझबूझ से ट्रेन को सरहिंद स्टेशन से कुछ किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद तुरंत आपातकालीन ब्रेक सिस्टम का उपयोग किया गया और सभी यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया।


यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे का त्वरित एक्शन

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली, दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
रेलवे ने रेस्क्यू टीम, मेडिकल यूनिट और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर यात्रियों को नजदीकी स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाया।

रेलवे प्रवक्ता के अनुसार —

“इस हादसे में किसी भी यात्री की जान को नुकसान नहीं हुआ है। आग लगने के कारणों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।”


आग के कारण रुकीं कई ट्रेनें

इस हादसे की वजह से अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर ट्रेनों का संचालन कुछ घंटों के लिए प्रभावित हुआ।
निम्नलिखित ट्रेनों को प्रभावित बताया गया है:

  • अमृतसर-हावड़ा मेल
  • लुधियाना-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस
  • चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस

रेलवे ने स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन परिचालन पुनः शुरू कर दिया, लेकिन यात्रियों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा।


लोको पायलट की सूझबूझ बनी यात्रियों की ढाल

इस पूरे हादसे में लोको पायलट और ट्रेन स्टाफ की तत्परता ने बड़ा हादसा टाल दिया।
यदि ट्रेन को कुछ किलोमीटर आगे नहीं रोका जाता, तो आग और अधिक कोचों में फैल सकती थी। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन रोकने के तुरंत बाद स्टाफ ने दरवाजे खोल दिए और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एक यात्री ने बताया:

“हम लोग सो रहे थे तभी धुआं अंदर आने लगा। किसी ने चिल्लाकर बताया कि आग लग गई है। रेलवे स्टाफ ने तुरंत मदद की, वरना बड़ी त्रासदी हो सकती थी।”


स्थानीय प्रशासन की भूमिका

घटना की सूचना मिलते ही सरहिंद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए।
आग से निपटने के लिए न केवल दमकल कर्मियों बल्कि रेलवे इंजीनियरों और इलेक्ट्रीकल स्टाफ ने भी मिलकर काम किया।


रेलवे की प्राथमिक जांच रिपोर्ट

रेलवे की प्रारंभिक रिपोर्ट में आग का कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट बताया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा।
रेलवे मंत्रालय ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि —

“सभी गरीब रथ ट्रेनों में वायरिंग और सुरक्षा उपकरणों की तत्काल जांच की जाएगी ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।”


गरीब रथ एक्सप्रेस: आम यात्रियों की पसंद

गरीब रथ एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की एक ऐसी सेवा है जो कम किराए में वातानुकूलित यात्रा सुविधा प्रदान करती है।
अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस उत्तर भारत को पूर्वी बिहार से जोड़ती है और हजारों यात्रियों की जीवनरेखा मानी जाती है।
इस घटना ने यात्रियों में डर जरूर पैदा किया है, लेकिन रेलवे के त्वरित कदमों ने भरोसा भी कायम रखा है।


आग के बाद यात्रियों को राहत

रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए रिफंड और मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी है।
साथ ही, यात्रियों को नजदीकी रेलवे स्टेशनों पर भोजन, पानी और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई गई।
कई यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए अन्य ट्रेनों में समायोजित किया गया है।


सुरक्षा मानकों की समीक्षा होगी

इस हादसे के बाद रेलवे मंत्रालय ने सभी जोनों को सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं।
विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल उपकरण, वायरिंग और फायर सेफ्टी सिस्टम की समीक्षा की जाएगी।
रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —

“आग सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और कोचों में निरीक्षण व्यवस्था को और कड़ा किया जाएगा।”


एक बड़ी त्रासदी टली

अमृतसर-बिहार गरीब रथ एक्सप्रेस में लगी यह आग एक चेतावनी है कि रेलवे को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।
लेकिन यह भी उतना ही सच है कि लोको पायलट, रेलवे स्टाफ और प्रशासन की तत्परता ने आज सैकड़ों जानें बचा लीं।
रेलवे ने जहां यात्रियों का भरोसा कायम रखा, वहीं इस घटना ने यह भी दिखाया कि सावधानी और समय पर एक्शन से किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता है।

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