बेंगलुरु में 13 साल के छात्र निश्चिथ के अपहरण और हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक मासूम की जिंदगी फिरौती के लिए छीन ली गई, और इस जघन्य अपराध के पीछे कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का ही पूर्व ड्राइवर निकला.
क्या हुआ था?
निश्चिथ को कुछ दिन पहले अपहरण कर लिया गया था. अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी. पूरा परिवार बच्चे की सुरक्षित वापसी के लिए बेचैन था, लेकिन उनकी उम्मीदें तब टूट गईं जब पुलिस को कग्गलिपुरा रोड के पास एक सुनसान इलाके से निश्चिथ का जला हुआ शव बरामद हुआ.
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की. एक गहन जांच के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों, गुरुमूर्ति और गोपालकृष्णा की पहचान की. जब पुलिस ने उन्हें घेरने की कोशिश की तो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि मुख्य आरोपी गुरुमूर्ति पहले निश्चिथ के परिवार के लिए ड्राइवर के रूप में काम करता था. इसी वजह से उसे परिवार के बारे में पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया.
इस घटना ने एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और शहर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है ताकि सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.




