SBI बैंक ने कर्ज व जमा पर ब्याज घटाया : रेपो पर आधारित व्याज दर 50 आधार अंकों की कमी के साथ 7.75 प्रतिशत पर आई :-
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआइ ने आरबीआइ द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद अपनी ब्याज दरों में 50 आधार अंकों (0.50%) की कटौती की है। बैंक के इस कदम से मौजूदा और नए दोनों तरह के ग्राहकों के लिए कर्ज सस्ता हो गया है। इस कटौती के बाद बैंक की रेपो पर आधारित ब्याज दर (आरएलएलआर) 50 आधार अंकों की कमी के साथ 7.75 प्रतिशत पर आ गई है। इसी तरह, बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी ब्याज दर (ईबीएलआर) भी 50 आधार अंक घटकर 8.65 प्रतिशत से 8.15 प्रतिशत हो गई है। संशोधित दरें 15 जून से प्रभावी हो गई हैं।
तीन करोड़ रुपये तक की सावधि जमाओं के लिए 25 आधार अंकों की कटौती की :
दूसरी ओर, एसबीआइ ने जमा पर ब्याज घटाया है। एसबीआइ ने तीन करोड़ रुपये तक की सावधि जमाओं के लिए 25 आधार अंकों की कटौती की है। 444 दिन (अमृत वृष्टि) की विशिष्ट अवधि वाली योजना की ब्याज दर भी 6.85 से संशोधित कर 6.60 प्रतिशत कर दी गई है।वरिष्ठ नागरिकों को 50 आधार अंकों और सुपर वरिष्ठ नागरिकों को 60 आधार अंक अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है।
1-2 वर्ष की सावधि जमा पर ब्याज 25 आधार अंक कम होकर 6.50 प्रतिशत हो गया है।
2-3 वर्ष तक की परिपक्वता वाली जमाओं पर 6.70 प्रतिशत के मुकाबले 6.45 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
3-5 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाली सावधि जमाओं के मामले में भी ब्याज दर 25 आधार अंक कम होकर 6.30 प्रतिशत कर दी गई हैं।
5-10 वर्ष की अवधि के लिए ब्याज दर 25 आधार अंकों की कटौती के साथ 6.05 प्रतिशत हो गई है।
अब 10 सेकेंड में हो जाएगा यूपीआइ लेनदेन :
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआइ) ने यूपीआइ भुगतान में लगने वाले समय को घटाकर 10 सेकेंड किया है। अभी तक इसमें 15 सेकेंड का समय लगता था। इसके अलावा एनपीसीआइ ने मनी ट्रांसफर, स्टेटस चेक और रिवर्सल सहित लेनदेन को 30 सेकेंड के बजाय 10-15 सेकेंड में पूरा करने का निर्देश दिया है। एनपीसीआइ ने सभी हितधारकों से 30 जून तक नए दिशा-निर्देशों को लागू करने का समय दिया है। एक अन्य सर्कुलर में एनपीसीआइ ने कहा कि अब ग्राहक यूपीआइ एप से खाते का बैलेंस एक दिन में 50 बार ही चेक कर सकेंगे।