रक्तदान : रक्तदान करके किसी का जीवन बचाने के साथ-साथ आप अपने स्वास्थ्य की सही स्थिति भी जान सकते हैं।

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रक्तदान के प्रति जागरूकता क्यों जरूरी है स्क्तदान, कैसे करें पहल, आइए जानें….

यदि रक्तदान करें तो इससे रक्त में कमी आ सकती है या इसके बाद एनीमिया हो सकता है, ऐसी कई भ्रांतियां हैं, जिनके कारण ज्यादातर लोग रक्तदान करने से बचते हैं। लेकिन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, आप एक बार रक्तदान करते हैं तो किसी का जीवन बचा सकते हैं। रक्त की आवश्यकता कई कारणों से हो सकती है। किसी दुर्घटना में घायलों, गर्भवती महिलाओं, सर्जिकल वाले मरीजों, बैलिसीमिया के रोगियों, कैसर या एनीमिया के मरीजों को रक्त की जरूरत आए दिन होती है।

पर, रक्त का संग्रह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। बता दें कि आज कई विशेष भंडारण तकनीकों के बाद भी रक्त को लंबे समय तक संग्रह करके नहीं रखा जा सकता है। इसलिए इसकी कमी लगातार बनी रहती है और रक्त भंडारण की आवश्यकता होती है।

विश्व रक्तदान दिवस : 14 june को मनाया जाता है।

रक्तदान के हैं अनेक लाभ :

रक्तदान एक महादान माना गया है। इससे भावनात्मक सेहत में सुधार भी होता है। यदि दुर्लभ रक्त समूह जैसे ओ निगेटिव या एची निगेटिव ब्लड ग्रुप को रक्तदान की जरूरत पड़े ती इसके लिए जरूर पहल करें। रक्तदान का दूसरा लाभ भी है। चूंकि रक्तदान से पूर्व सभी आवश्यक जांचे विस्तार से होती है, आपको अलग से जांच कराने की जरूरत नहीं होगी।

इन बातों का रहे ध्यान :

रक्तदान के बीच तीन माह का अंतराल रखना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, रक्तदान के 36 घंटे बाद शरीर अपना खोया हुआ रक्त वापस निर्माण कर सकता है।

रक्तदान के बाद कुछ देर आराम करें। पेय पदार्थ ले।

रक्तदान के बाद व्यायाम नहीं करें। इससे कुछ देर पहले वर्कआउट सेशन कर सकते हैं।

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