अंकिता भंडारी हत्याकांड में अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है। मृतका की मां फैसले से असंतुष्ट हैं उन्होंने फांसी की उम्मीद की थी। अंकिता ने वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर ज्वाइन किया था जहां उसे वीआईपी मेहमानों को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी ने 28 अगस्त 2022 को इंटरनेट पर विज्ञापन देखने के बाद वनन्तरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौद पर ज्वॉइन किया। शायद वह रिजॉर्ट में चलने वाले काले कारनामों को भांप गई थी और इसलिए नौकरी ज्वॉइन करने के तीन हफ्ते बाद ही वह दूसरी नौकरी ढूंढने लगीथ्ल थी।
वनंतरा रिजॉर्ट प्रकरण में 26 माह तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार 30 मई को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य के बेटे समेत तीन को युवती की हत्या दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीनों पर 50-50 हजार का आर्थिक जुर्माना भी लगाया।
लेकिन मृतका की मां अदालत के इस फैसले से खुश नहीं दिखीं। कोर्ट से बाहर निकलते ही उनकी आंख से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि अदालत से फांसी की उम्मीद थी।
हत्याकांड से जुड़ी बड़ी बातें…
- मृतका गरीब परिवार से थी, लेकिन उसने गलत काम की जगह खुद्दारी चुनी और यही बात आरोपित रईसजादों को नागवार गुजरी। इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि उसने 28 अगस्त 2022 को रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर ज्वाइन किया था और 18 सितंबर को ही उसके साथ अनहोनी हो गई।
- मामला इसलिए भी बड़ा था कि क्योंकि घटना का मुख्य आरोपित पुलकित आर्या भाजपा नेता और पूर्व दायित्वधारी विनोद आर्या का बेटा था। पुलकित पर कई केस दर्ज हैं, लेकिन इस मामले से पहले उसे कभी भी गिरफ्तार नहीं किया गया। मामले में पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता और सौरभ को गिरफ्तार किया गया था।
- भाजपा ने भी मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलकित आर्या के पिता विनोद आर्या और भाई अंकित आर्या को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दोनों से ही सभी पद भी छीन लिए गए थे।
- मृतका की आखिरी चैट में जो खुलासे हुए वो चौकाने वाले थे। चैट इस बात का खुलासा कर रही थी कि वनन्तरा रिजॉर्ट में वीआईपी मेहमानों को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था। वहीं कई कर्मचारियों को पीटा भी जाता था। रिजॉर्ट के कर्मचारी नौकरी छोड़ने की बात भी कर रहे थे।
- 18 सितंबर 2022 से मृतका लापता हुई थी। 19 सितंबर को मुख्य आरोपित पुलकित आर्या ने प्लान के तहत खुद राजस्व पुलिस चौकी में फोन कर मृतका की गुमशुदगी की बात कही। लेकिन ड्यूटी पर तैनात पटवारी वैभव प्रताप ने कहा कि गुमशुदगी की रिपोर्ट 24 घंटे के बाद दर्ज होती है।
- अगले दिन 20 सिंतबर को मृतका के पिता पटवारी चौकी पहुंचे। यहां पुलकित आर्या भी मौजूद था। 20 सितंबर को राजस्व पुलिस ने मामला दर्ज किया था। 22 सितंबर को सिविल पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई और मुकदमा दर्ज किया गया। जब मामले की जांच शुरू हुई और मृतका के साथ ही ज्यादती का काला सच सामने आया।
- आरोपितों की निशानदेही पर 23 सितंबर को पुलिस ने मृतका को चीला नहर में तलाशना शुरू किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मामले में ठोस कारवाई के आदेश दिए। देर रात मुख्य आरोपित पुलकित के रिजॉर्ट पर बुल्डोजर चला।
- 24 सितंबर तड़के तीन दोबारा पुलकित के रिजॉर्ट पर बुल्डोजर चला। स्थानीय लोगों ने रिजॉर्ट में आग लगा दी। चीला बैराज से छह दिन बाद मृतका का शव मिला। एम्स ऋषिकेश में पोस्टमार्टम किया गया और शाम को रिपोर्ट मिली। जिसमें पता चला कि मौत से पहले मृतका को बुरी तरह से पीटा गया था। लेकिन मृतका की मौत नहर में डूबने से हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसआइटी जांच के आदेश दिए।
- 25 सितंबर को श्रीनगर में मृतका का पोस्टमार्टम होना था, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट देने की मांग की और अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। आक्रोशित जनता ने श्रीनगर में बदरीनाथ हाईवे जाम कर दिया और आरोपित तो फांसी की सजा देने की मांग की।




