71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: शाहरुख खान और विक्रांत मैसी को मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, रानी मुखर्जी बनीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक, 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा हो गई है। इस साल के पुरस्कारों में कई दिलचस्प और ऐतिहासिक जीत देखने को मिलीं। बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और प्रतिभाशाली अभिनेता विक्रांत मैसी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि शानदार अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब अपने नाम किया।
शाहरुख खान को ‘जवान’ के लिए मिला पहला नेशनल अवॉर्ड
अपने तीन दशक से अधिक के शानदार करियर में, यह पहली बार है जब शाहरुख खान को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। उन्हें उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ में उनके दमदार और बहुआयामी प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया। शाहरुख के फैंस और फिल्म इंडस्ट्री में इस खबर से खुशी की लहर दौड़ गई है।
विक्रांत मैसी और ’12वीं फेल’ का जलवा
शाहरुख खान के साथ-साथ, अभिनेता विक्रांत मैसी को भी फिल्म ’12वीं फेल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला है। इस फिल्म में एक आईपीएस अधिकारी बनने के लिए संघर्ष करने वाले छात्र के उनके यथार्थवादी और प्रेरणादायक किरदार ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया। ’12वीं फेल’ को सिर्फ सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ही नहीं, बल्कि सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का भी पुरस्कार मिला है।
रानी मुखर्जी बनीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
रानी मुखर्जी ने फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता है। इस फिल्म में एक मां के अपने बच्चों को वापस पाने के संघर्ष को रानी ने जिस भावनात्मक गहराई के साथ दर्शाया, उसने सभी को प्रभावित किया।
अन्य प्रमुख विजेता
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: सुदीप्तो सेन को फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के लिए।
- सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म: ‘कटहल’ को, जिसमें सान्या मल्होत्रा ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म (संपूर्ण मनोरंजन): ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ को।
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: विजयराघवन (पोक्कोलम) और एम. सोमु भास्कर (पार्किंग)
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: उर्वशी (उल्लोझुक्कू) और जानकी बोदीवाला (वश)
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी: प्रसंथनु मोहपात्रा को ‘द केरल स्टोरी’ के लिए।
इन पुरस्कारों ने एक बार फिर भारतीय सिनेमा की विविधता और गहराई को दर्शाया है, जहां बड़े बजट की फिल्में और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्में दोनों को ही सम्मान मिला है। यह जीत उन सभी कलाकारों और तकनीशियनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जिन्होंने सिनेमा के माध्यम से दर्शकों के दिलों को छुआ।




