हाल ही में हुए चुनाव परिणामों को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि इन चुनावों में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ और चुनावी गड़बड़ी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर आज संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक विरोध मार्च का आयोजन किया गया।
दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
विपक्षी दलों के सांसद सुबह संसद भवन से एकजुट होकर निकले और राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने लगे। उनका कहना था कि वे राष्ट्रपति से मिलकर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं।
पुलिस ने रोका, कई नेता हिरासत में
मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने सांसदों को रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हैं। पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के हवाले से यह कार्रवाई की।
विपक्ष का आरोप और सरकार की प्रतिक्रिया
विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग और सरकार ने जनता के जनादेश के साथ धोखा किया है। उनका आरोप है कि मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही और कई सीटों पर नतीजे संदिग्ध रहे।
सरकार और सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए गए।
राजनीतिक माहौल में गरमाहट
इस विरोध प्रदर्शन के बाद संसद और सड़क दोनों पर माहौल गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।








