इज़राइल-गाज़ा युद्ध 2026: ताज़ा अपडेट
गाज़ा/तेल अवीव, 23 मार्च 2026: इज़राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष में गाज़ा में मानवीय स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार युद्धविराम और मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग कर रहा है।
गाज़ा में मानवीय संकट
गाज़ा में 20 लाख से अधिक लोग भोजन, पानी और दवाइयों की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बताया है।
- गाज़ा में 35,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
- 90% से अधिक आबादी विस्थापित हो चुकी है।
- अस्पताल और स्कूल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।
- खाद्य सामग्री की आपूर्ति बेहद सीमित है।
युद्धविराम की कोशिशें
मिस्र, कतर और अमेरिका ने मध्यस्थता करते हुए इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते की कोशिश की है। हालांकि, दोनों पक्षों की अलग-अलग मांगों के कारण समझौता अभी तक संभव नहीं हो पाया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने तत्काल युद्धविराम की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया है। अमेरिका ने इज़राइल को हथियार देना जारी रखा है, जबकि कई यूरोपीय देशों ने मानवीय आधार पर इज़राइल की आलोचना की है।
भारत का रुख
भारत ने दोनों पक्षों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। भारत ने गाज़ा के लिए मानवीय सहायता भी भेजी है। फिलिस्तीन के लिए स्वतंत्र राज्य का समर्थन भारत की दीर्घकालिक नीति रही है।
HRAC News | 23 मार्च 2026 | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समाचार




